Showing posts with label अफजल के समर्थन में भाजपा विधायक को इसने जड़ा थप्पड़. Show all posts
Showing posts with label अफजल के समर्थन में भाजपा विधायक को इसने जड़ा थप्पड़. Show all posts

Friday, 1 March 2013

अफजल के समर्थन में भाजपा विधायक को इसने जड़ा थप्पड़


Furore over Guru issue in Jammu and Kashmir Assembly
नवीन नवाज, जम्मू। जैसी उम्मीद थी, ठीक वैसा ही हुआ। शरदकालीन राजधानी जम्मू में गुरुवार को शुरू हुए विधानसभा बजट सत्र के पहले ही दिन अफजल गुरु को फांसी देने के मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ और सदन की मर्यादा तार-तार हो गई। कश्मीर संभाग के लंगेट हलके के निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान अफजल गुरु की फांसी के विरोध में पोस्टर लहराया। भाजपा विधायक चौधरी सुखनंदन ने जब पोस्टर छीना तो रशीद ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया।
शोरगुल के बीच मार्शल रशीद को सदन से बाहर ले गए। प्रमुख विपक्षी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, माकपा और पैंथर्स पार्टी ने भी अभिभाषण का बहिष्कार किया। पीडीपी का विरोध अफजल मामले पर था, जबकि पैंथर्स सरकार की नाकामी से नाराज दिखी।
सुबह राज्यपाल एनएन वोहरा ने जब अपना अभिभाषण शुरू किया तो कंधे पर काली पट्टी बांधकर आए इंजीनियर रशीद अपने स्थान पर पोस्टर लेकर खडे़ हो गए। पोस्टर पर राष्ट्रीय मानचित्र के अलावा जम्मू-कश्मीर का नक्शा भी अलग से दिखाया गया था, जिसमें अफजल गुरु की तस्वीर थी। रशीद ने राज्यपाल को भाषण देने से रोकने का प्रयास करते हुए पूछा कि अफजल को फांसी क्यों हुई, उसका खून क्यों हुआ? रशीद ने कहा, हिंदुस्तान के लोग नहीं चाहते थे कि अफजल को फांसी हो, लेकिन भाजपा नेता नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री न बनने देने के लिए कांग्रेस ने अफजल को फांसी दी है। आप कितने अफजल गुरु मारोगे, हर घर में गुरु पैदा होगा।
इतने में भाजपा के सभी विधायक अपनी सीटों पर खडे़ हो गए। भाजपा विधायक अशोक खजूरिया और जम्मू स्टेट मोर्चा के विधायक अश्रि्वनी कुमार शर्मा ने कहा कि यह राष्ट्रविरोधी बातें कर रहा है, ऐसे आदमी को सदन से बाहर करो। भाजपा के बागी विधायक प्रो. चमन लाल गुप्ता ने भी कुछ बोलने का प्रयास किया, लेकिन उनकी आवाज हंगामे में दब गई। इसी दौरान भाजपा विधायक चौ. सुखनंदन की रशीद के साथ धक्का-मुक्की होने लगी। सुखनंदन ने उसके हाथ से पोस्टर छीन लिया। इस पर रशीद ने सुखनंदन को थप्पड़ जड़ दिया। भाजपा के अन्य विधायक भी बीच में हस्तक्षेप करने लगे। हंगामा बढ़ते देख मार्शलों ने दोनों को अलग किया और वह रशीद को सदन से बाहर ले गए। इस पूरे प्रकरण के दौरान सत्ताधारी खेमे की तरफ से न तो कांग्रेस और न ही नेशनल कांफ्रेंस ने रशीद का विरोध किया। राज्यपाल एनएन वोहरा ने भी हंगामे से विचलित हुए बिना अपना भाषण पूरा किया। अभिभाषण के दौरान पीडीपी का एक भी विधायक सदन में नहीं आया। केवल सरताज मदनी सदन में राज्य विधानसभा के कार्यवाहक स्पीकर के तौर पर मौजूद रहे। वहीं माकपा के एकमात्र विधायक मुहम्मद यूसुफ तारीगामी न सदन के भीतर और न बाहर नजर आए।