AAP की झाड़ू ने शीला को दिल्ली से बुहारा, BJP का 'राजे'स्थान, एमपी में फिर शिवराज, छत्तीसढ़ में कड़ी टक

देश में पांच राज्यों के लिए हुए विधानसभा चुनावों में से दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज हो जाएगा. सभी जगह सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती जारी है. रुझानों में बीजेपी तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में बहुमत की ओर है, जबकि छत्तीसगढ़ में रमन सिंह का जादू नहीं चला और यहां कांग्रेस आगे है. वहीं, दिल्ली में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने हार स्वीकार ली है और उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया है. दोपहर बाद तक नई सरकारों को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी. LIVE अपडेट के लिए लिए क्लिक करें
नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में खास तौर पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. मिजोरम में भी विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिनके लिए मतगणना 9 दिसंबर को होगी.
दिल्ली में चला झाड़ू का जादू
दिल्ली में सभी 70 सीटों के रुझाान आ गए हैं, जिनके मुताबिक दिल्ली में कांग्रेस 08, बीजेपी 32 और AAP 29 सीटों पर आगे चल रही हैं. इस बार सबसे दिलचस्प मुकाबला दिल्ली में है, जहां अरविंद केजरीवाल की AAP ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव लड़कर राष्ट्रीय राजधानी के मुकाबले को पहली बार त्रिकोणीय बना दिया है. आपको बता दें कि आज कुल 810 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला हो जाएगा.
दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझानों में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस-बीजेपी का गणित बिगाड़ दिया है. हालांकि बीजेपी सबसे ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है, लेकिन पहली बार चुनाव लड़ रही AAP ने उसके लिए बहुमत का रास्ता मुश्किल कर दिया है. 70 सीटों की दिल्ली विधानसभा में बीजेपी 32 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) 29 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. कांग्रेस बुरी तरह पिटती नजर आ रही है. उसके सिर्फ 08 प्रत्याशी आगे चल रहे हैं.
कांग्रेस के लिए शर्मनाक यह भी है कि उसकी 15 साल से सीएम शीला दीक्षित चुनाव हारने की कगार पर हैं, वह भी बहुत बुरी तरह से. अरविंद केजरीवाल उनसे 10,309 वोट से आगे चल रहे हैं. शीला दीक्षित ने तो हार स्वीकारते हुए अपना इस्तीफा राज्यपाल नजीब जंग को भेज दिया है. हार स्वीकारने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शीला दीक्षित काफी खीजी हुईं नजर आईं. एक पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि क्या आप जनता का मूड नहीं समझ पाईं तो उन्होंने कहा, 'बेवकूफ हैं ना'.
एक और चर्चित चौंकाऊ नतीजा रहा अंबेडकर नगर का, जहां चौधरी प्रेम सिंह चुनाव हार गए हैं. कांग्रेस के प्रेम सिंह 1958 के बाद पहली बार चुनाव हारे हैं. महरौली सीट पर दिवंगत बीजेपी नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा चुनाव जीत गए हैं. उन्होंने विधानसभा स्पीकर योगानंद शास्त्री को हराया.
एक और चर्चित सीट ग्रेटर कैलाश से बीजेपी के पिछले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री कैंडिडेट वीके मल्होत्रा के बेटे अजय मल्होत्रा AAP के सौरभ भारद्वाज से चुनाव हार गए हैं. साउथ दिल्ली के देवली से AAP के प्रकाश ने भारी मतों से जीत दर्ज की है. AAP के ही राजेश गर्ग रोहिणी सीट जीत गए हैं. पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी के मनीष सिसौदिया चुनाव जीत गए हैं.
लक्ष्मीनगर सीट से एके वालिया AAP उम्मीदवार विनोद कुमार बिन्नी से मामूली अंतर से आगे चल रहे हैं. त्रिलोकपुरी और सीमापुरी में आम आदमी पार्टी भारी अंतर से आगे चल रही है. AAP उम्मीदवार शाजिया इल्मी आरके पुरम सीट से बेहद कम अंतर से पीछे चल रही हैं.
गौरतलब है कि दिल्ली समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों को अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनावों के लिए सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है. दिल्ली में इस बार अब तक का सबसे ज्यादा यानी 65.13 प्रतिशत मतदान हुआ. कुल 1.19 करोड़ योग्य मतदाताओं में से 77.7 लाख से ज्यादा ने 4 दिसंबर को अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
राजस्थान पर भी सबकी नजर
राजस्थान में कांग्रेस सत्ता से बेदखल होती दिख रही है. सभी 199 सीटों पर आए रुझानों के मुताबिक यहां कांग्रेस 29, बीजेपी 143 और अन्य 27 पर आगे चल रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरदारपुरा सीट जीत गए हैं. वहीं, मुख्यमंत्री पद की दावेदार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वसुंधरा राजे झालरापाटन सीट जीत गईं हैं.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज कहा कि बीजेपी की ओर से राज्य सरकार की योजनाओं का कुप्रचार किए जाने के कारण मतगणना के रुझान कांग्रेस के खिलाफ आए हैं.
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने जनता के लिए अच्छी योजनाएं चलाईं, लेकिन बीजेपी की ओर से इन योजनाओं को लेकर किए गए कुप्रचार के कारण ये रूझान आये हैं. हालांकि स्थिति शाम तक स्पष्ट होगी.
उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे को अपने निर्वाचन क्षेत्र झालरापाटन तक में नरेन्द्र मोदी के नाम पर वोट मांगने पड़े. टिकट बंटवारे के बारे में पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है.
गहलोत ने कहा, 'अगर कुप्रचार किया जाता है तो इसका कोई मुकाबला नहीं किया जा सकता. परिणाम को देखकर मेरा मानना है कि लोगों ने कुप्रचार के आधार पर मतदान किया है.' उन्होंने कहा, 'हमने कोशिश की कि राजस्थान में विकास का मुद्दा होना चाहिए. हमारा प्रचार सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर केंद्रित था.'
गहलोत ने कहा कि उनकी पार्टी इन चीजों को चुनाव का मुद्दा बनाने में विफल रही और विपक्ष ने झूठे आरोप लगाए, लेकिन उसने विकास की बात नहीं की. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा चलाई गई योजनाएं इतनी अच्छी थीं कि दूसरे राज्यों के अधिकारी उनका अध्ययन करने राजस्थान आए.
मतगणना रुझान पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के नेताओं को शुभकामनाएं दी. मोदी ने एक ट्वीट में कहा, 'वसुंधरा जी से बात हुई और राजस्थान विधानसभा चुनावों में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पर उन्हें बधाई दी.'
मध्य प्रदेश में होगा शिवराज का राजतिलक!
मध्य प्रदेश में सभी 230 विधानसभा सीटों पर आए रुझानों के मुताबिक यहां बीजेपी 155, कांग्रेस 62 और अन्य 13 सीटों पर आगे चल चल रहे हैं.
मध्य प्रदेश में 230 सीटों के लिए हुए मतदान में बीजेपी 152 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 67 सीटों पर बढत लिए हुए है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा विधानसभा क्षेत्र से 16 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव जीत गए हैं. चौहान ने अपने निकटतम प्रत्याशी कांग्रेस के शशांक भार्गव को पराजित किया. विदिशा जिले के कुरवाई विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के वीरसिंह पवार ने कांग्रेस की पानबाई को 5,000 से अधिक मतों से पराजित कर दिया.
इसी तरह विदिशा जिले के ही बासौदा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के निशंक जैन ने बीजेपी के हरिसिंह रघुवंशी को 13 हजार से अधिक मतों से पराजित कर चुनाव जीत लिया.
वहीं, बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी की बढ़त पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई दी है. आपको बता दें कि मोदी ने चार राज्यों के चुनाव प्रचार में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था.
मोदी ने ट्वीट किया, 'शिवराज जी को फोन कर मध्य प्रदेश चुनावों में बीजेपी के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बधाई दी.
छत्तीसगढ़ में कांटे की टक्कर
छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनावों की मतगणना जारी है और सत्तारूढ़ बीजेपी तथा मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है. मतगणना के अब तक के रुझानों के अनुसार, राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी 48 सीटों पर और कांग्रेस 41 सीटों पर तथा अन्य 1 सीटों पर आगे चल रहे हैं.
राजनांदगांव विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री रमन सिंह अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस की अलका मुदलियार से 12000 से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं. अलका नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस नेता उदय मुडलियार की पत्नी हैं. रमन सिंह मंत्रिमंडल के चार मंत्री अपने अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वियों से पीछे चल रहे हैं.
अभनपुर विधानसभा सीट पर कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के धनेन्द्र साहू से 4300 मतों से पीछे चल रहे हैं. दुर्ग (शहर) विधानसभा सीट पर पंचायत मंत्री हेमचंद्र यादव अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अरूण वोरा से 2500 वोट से पीछे चल रहे हैं. वोरा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा के बेटे हैं.
बस्तर और दंतेवाड़ा से कांग्रेस आगे चल रही है. बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव में बस्तर इलाके के 11 सीटों को जीता था जबकि कांग्रेस एक पर ही जीत हासिल कर पाई थी. छत्तीसगढ में रमन सिंह को हैट्रिक बनाने में मुश्किल पेश आती दिख रही है. अब तक बेहद करीबी मुकाबला है.
देश में पांच राज्यों के लिए हुए विधानसभा चुनावों में से दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज हो जाएगा. सभी जगह सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती जारी है. रुझानों में बीजेपी तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में बहुमत की ओर है, जबकि छत्तीसगढ़ में रमन सिंह का जादू नहीं चला और यहां कांग्रेस आगे है. वहीं, दिल्ली में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने हार स्वीकार ली है और उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया है. दोपहर बाद तक नई सरकारों को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी. LIVE अपडेट के लिए लिए क्लिक करें
नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में खास तौर पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. मिजोरम में भी विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिनके लिए मतगणना 9 दिसंबर को होगी.
दिल्ली में चला झाड़ू का जादू
दिल्ली में सभी 70 सीटों के रुझाान आ गए हैं, जिनके मुताबिक दिल्ली में कांग्रेस 08, बीजेपी 32 और AAP 29 सीटों पर आगे चल रही हैं. इस बार सबसे दिलचस्प मुकाबला दिल्ली में है, जहां अरविंद केजरीवाल की AAP ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव लड़कर राष्ट्रीय राजधानी के मुकाबले को पहली बार त्रिकोणीय बना दिया है. आपको बता दें कि आज कुल 810 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला हो जाएगा.
दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझानों में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस-बीजेपी का गणित बिगाड़ दिया है. हालांकि बीजेपी सबसे ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है, लेकिन पहली बार चुनाव लड़ रही AAP ने उसके लिए बहुमत का रास्ता मुश्किल कर दिया है. 70 सीटों की दिल्ली विधानसभा में बीजेपी 32 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) 29 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. कांग्रेस बुरी तरह पिटती नजर आ रही है. उसके सिर्फ 08 प्रत्याशी आगे चल रहे हैं.
कांग्रेस के लिए शर्मनाक यह भी है कि उसकी 15 साल से सीएम शीला दीक्षित चुनाव हारने की कगार पर हैं, वह भी बहुत बुरी तरह से. अरविंद केजरीवाल उनसे 10,309 वोट से आगे चल रहे हैं. शीला दीक्षित ने तो हार स्वीकारते हुए अपना इस्तीफा राज्यपाल नजीब जंग को भेज दिया है. हार स्वीकारने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में शीला दीक्षित काफी खीजी हुईं नजर आईं. एक पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि क्या आप जनता का मूड नहीं समझ पाईं तो उन्होंने कहा, 'बेवकूफ हैं ना'.
एक और चर्चित चौंकाऊ नतीजा रहा अंबेडकर नगर का, जहां चौधरी प्रेम सिंह चुनाव हार गए हैं. कांग्रेस के प्रेम सिंह 1958 के बाद पहली बार चुनाव हारे हैं. महरौली सीट पर दिवंगत बीजेपी नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा चुनाव जीत गए हैं. उन्होंने विधानसभा स्पीकर योगानंद शास्त्री को हराया.
एक और चर्चित सीट ग्रेटर कैलाश से बीजेपी के पिछले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री कैंडिडेट वीके मल्होत्रा के बेटे अजय मल्होत्रा AAP के सौरभ भारद्वाज से चुनाव हार गए हैं. साउथ दिल्ली के देवली से AAP के प्रकाश ने भारी मतों से जीत दर्ज की है. AAP के ही राजेश गर्ग रोहिणी सीट जीत गए हैं. पटपड़गंज सीट से आम आदमी पार्टी के मनीष सिसौदिया चुनाव जीत गए हैं.
लक्ष्मीनगर सीट से एके वालिया AAP उम्मीदवार विनोद कुमार बिन्नी से मामूली अंतर से आगे चल रहे हैं. त्रिलोकपुरी और सीमापुरी में आम आदमी पार्टी भारी अंतर से आगे चल रही है. AAP उम्मीदवार शाजिया इल्मी आरके पुरम सीट से बेहद कम अंतर से पीछे चल रही हैं.
गौरतलब है कि दिल्ली समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों को अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनावों के लिए सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है. दिल्ली में इस बार अब तक का सबसे ज्यादा यानी 65.13 प्रतिशत मतदान हुआ. कुल 1.19 करोड़ योग्य मतदाताओं में से 77.7 लाख से ज्यादा ने 4 दिसंबर को अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
राजस्थान पर भी सबकी नजर
राजस्थान में कांग्रेस सत्ता से बेदखल होती दिख रही है. सभी 199 सीटों पर आए रुझानों के मुताबिक यहां कांग्रेस 29, बीजेपी 143 और अन्य 27 पर आगे चल रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरदारपुरा सीट जीत गए हैं. वहीं, मुख्यमंत्री पद की दावेदार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वसुंधरा राजे झालरापाटन सीट जीत गईं हैं.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज कहा कि बीजेपी की ओर से राज्य सरकार की योजनाओं का कुप्रचार किए जाने के कारण मतगणना के रुझान कांग्रेस के खिलाफ आए हैं.
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने जनता के लिए अच्छी योजनाएं चलाईं, लेकिन बीजेपी की ओर से इन योजनाओं को लेकर किए गए कुप्रचार के कारण ये रूझान आये हैं. हालांकि स्थिति शाम तक स्पष्ट होगी.
उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे को अपने निर्वाचन क्षेत्र झालरापाटन तक में नरेन्द्र मोदी के नाम पर वोट मांगने पड़े. टिकट बंटवारे के बारे में पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है.
गहलोत ने कहा, 'अगर कुप्रचार किया जाता है तो इसका कोई मुकाबला नहीं किया जा सकता. परिणाम को देखकर मेरा मानना है कि लोगों ने कुप्रचार के आधार पर मतदान किया है.' उन्होंने कहा, 'हमने कोशिश की कि राजस्थान में विकास का मुद्दा होना चाहिए. हमारा प्रचार सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर केंद्रित था.'
गहलोत ने कहा कि उनकी पार्टी इन चीजों को चुनाव का मुद्दा बनाने में विफल रही और विपक्ष ने झूठे आरोप लगाए, लेकिन उसने विकास की बात नहीं की. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा चलाई गई योजनाएं इतनी अच्छी थीं कि दूसरे राज्यों के अधिकारी उनका अध्ययन करने राजस्थान आए.
मतगणना रुझान पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के नेताओं को शुभकामनाएं दी. मोदी ने एक ट्वीट में कहा, 'वसुंधरा जी से बात हुई और राजस्थान विधानसभा चुनावों में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पर उन्हें बधाई दी.'
मध्य प्रदेश में होगा शिवराज का राजतिलक!
मध्य प्रदेश में सभी 230 विधानसभा सीटों पर आए रुझानों के मुताबिक यहां बीजेपी 155, कांग्रेस 62 और अन्य 13 सीटों पर आगे चल चल रहे हैं.
मध्य प्रदेश में 230 सीटों के लिए हुए मतदान में बीजेपी 152 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 67 सीटों पर बढत लिए हुए है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा विधानसभा क्षेत्र से 16 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव जीत गए हैं. चौहान ने अपने निकटतम प्रत्याशी कांग्रेस के शशांक भार्गव को पराजित किया. विदिशा जिले के कुरवाई विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के वीरसिंह पवार ने कांग्रेस की पानबाई को 5,000 से अधिक मतों से पराजित कर दिया.
इसी तरह विदिशा जिले के ही बासौदा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के निशंक जैन ने बीजेपी के हरिसिंह रघुवंशी को 13 हजार से अधिक मतों से पराजित कर चुनाव जीत लिया.
वहीं, बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी की बढ़त पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई दी है. आपको बता दें कि मोदी ने चार राज्यों के चुनाव प्रचार में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था.
मोदी ने ट्वीट किया, 'शिवराज जी को फोन कर मध्य प्रदेश चुनावों में बीजेपी के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बधाई दी.
छत्तीसगढ़ में कांटे की टक्कर
छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनावों की मतगणना जारी है और सत्तारूढ़ बीजेपी तथा मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है. मतगणना के अब तक के रुझानों के अनुसार, राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी 48 सीटों पर और कांग्रेस 41 सीटों पर तथा अन्य 1 सीटों पर आगे चल रहे हैं.
राजनांदगांव विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री रमन सिंह अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस की अलका मुदलियार से 12000 से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं. अलका नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस नेता उदय मुडलियार की पत्नी हैं. रमन सिंह मंत्रिमंडल के चार मंत्री अपने अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वियों से पीछे चल रहे हैं.
अभनपुर विधानसभा सीट पर कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के धनेन्द्र साहू से 4300 मतों से पीछे चल रहे हैं. दुर्ग (शहर) विधानसभा सीट पर पंचायत मंत्री हेमचंद्र यादव अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अरूण वोरा से 2500 वोट से पीछे चल रहे हैं. वोरा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा के बेटे हैं.
बस्तर और दंतेवाड़ा से कांग्रेस आगे चल रही है. बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव में बस्तर इलाके के 11 सीटों को जीता था जबकि कांग्रेस एक पर ही जीत हासिल कर पाई थी. छत्तीसगढ में रमन सिंह को हैट्रिक बनाने में मुश्किल पेश आती दिख रही है. अब तक बेहद करीबी मुकाबला है.
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